उत्तराखंड की राजनीतिक फिजा में 2027 के विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां अब पूरी तरह चरम पर पहुँच गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांगठनिक ढांचे को पूरी तरह कसते हुए '60 पार' के विशाल लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। देहरादून स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक में पार्टी के दिग्गजों ने न केवल आगामी रणनीतियों का खुलासा किया, बल्कि कार्यकर्ताओं में एक नई राजनीतिक ऊर्जा का संचार भी किया।
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव और सह प्रभारियों अरविंद मेनन तथा बांसुरी स्वराज के पहले विस्तृत संगठनात्मक दौरे में शुक्रवार को प्रदेश मुख्यालय में चुनावी रणनीति पर मंथन हुआ। बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों, मंत्रियों, जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों और सह प्रभारियों के साथ बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने तथा सरकार के विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। बैठक में राम माधव ने कार्यकर्ताओं के सामने 60 से अधिक सीटों का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि पार्टी को केवल पूर्ण बहुमत तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि सबसे बड़े बहुमत के लक्ष्य के साथ चुनावी तैयारी करनी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक भूमिका से आगे बढ़कर राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में जनता के बीच सक्रिय होने और केंद्र तथा राज्य सरकार के विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों का संदेश घर-घर पहुंचाने का आह्वान किया। प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा ने बैठक में बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ और ‘बूथ जीता, चुनाव जीता’ जैसे नारों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में जुटने का संदेश दिया। उनका जोर इस बात पर रहा कि चुनावी रणनीति का आधार बूथ स्तर का संगठन और कार्यकर्ताओं की सक्रियता हो।प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट ने भी कार्यकर्ताओं को जनता के बीच अपनी मौजूदगी बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता हैं। सरकार और संगठन के कामों की जानकारी शहर से गांव तक पहुंचाने तथा जनता के साथ संवाद मजबूत करने की आवश्यकता है। प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने के बाद राम माधव, अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज पहली बार विस्तृत संगठनात्मक दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीनों नेताओं का अपने सरकारी आवास पर स्वागत किया। पार्टी ने इस दौरे के दौरान प्रदेश संगठन के साथ-साथ विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारियों के साथ भी संवाद का कार्यक्रम रखा है। भाजपा ने सितंबर में राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रदेश प्रभारी तथा अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज को सह प्रभारी नियुक्त किया था। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में यह बदलाव पार्टी की चुनावी तैयारियों के बीच हुआ है। बैठक में पार्टी की ओर से सरकार के विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी जोर दिया गया। बांसुरी स्वराज ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य उत्तराखंड में तीसरी बार सरकार बनाना है और सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सीटों की संख्या में बदलाव का फैसला मतदाता करते हैं। स्वराज ने कार्यकर्ताओं से संगठन के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने और जनता के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने को कहा। उनके अनुसार युवाओं को भी संगठन के साथ जोड़ना महत्वपूर्ण है। बैठक में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत भारद्वाज और तरुण बंसल समेत प्रदेश संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों और सह प्रभारियों के साथ राज्य सरकार के मंत्री भी बैठक में शामिल हुए। इस दौरान पिछले महीनों में संगठन की ओर से आयोजित कार्यक्रमों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। भाजपा की नई प्रदेश प्रभारी टीम का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए पार्टी ने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब पार्टी की रणनीति में 60 पार का घोषित लक्ष्य, बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाना प्रमुख बिंदु के रूप में सामने आए हैं।