Oct 04, 2026

रुड़की में अग्निवीर भर्ती का महाकुंभ: 5 अक्टूबर से जुटेंगे 30 हजार युवा, ठहरने की व्यवस्था में जुटा प्रशासन

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रुड़की। शिक्षानगरी के रूप में विख्यात रुड़की शहर एक बार फिर प्रदेशभर के हजारों युवाओं की उम्मीदों और सपनों का केंद्र बनने जा रहा है। बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप सेंटर में 5 अक्टूबर से शुरू हो रही अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में राज्य के कोने-कोने से लगभग 25 से 30 हजार अभ्यर्थियों और उनके परिजनों के जुटने का अनुमान है। हालांकि, इस महाआयोजन के साथ ही शहर में अभ्यर्थियों के ठहरने और विश्राम की एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

अग्निवीर भर्ती की तारीख नजदीक आते ही रुड़की में देशभर से आने वाले हजारों अभ्यर्थियों के ठहरने का सवाल खड़ा हो गया है। पांच अक्टूबर से बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप (बीईजी) में शुरू होने वाली भर्ती में प्रदेशभर से करीब 25 से 30 हजार अभ्यर्थियों और उनके परिजनों के पहुंचने का अनुमान है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही शहर पहुंचने लगेंगे। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती उनके रात में ठहरने और विश्राम की है। शिक्षानगरी के नाम से पहचान रखने वाले रुड़की में हर साल पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं के लिए बड़ी संख्या में युवा पहुंचते हैं। बीईजी में होने वाली अग्निवीर भर्ती के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। बावजूद इसके शहर में ऐसा कोई स्थायी स्थान नहीं है, जहां एक साथ बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कम खर्च में सुरक्षित तरीके से रात गुजार सकें। अग्निवीर भर्ती के दौरान पहले बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रुड़की रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर रात गुजार लेते थे, लेकिन इस बार दोनों जगहों पर निर्माण कार्य के कारण स्थिति अलग है। अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य चल रहा है और पुराने शेड सहित कई सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यात्री प्रतीक्षालय की स्थिति भी ऐसी नहीं है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को रात में ठहराया जा सके। दूसरी ओर रुड़की बस अड्डे पर भी निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में बाहर से आने वाले युवाओं के सामने खुले आसमान के नीचे या शहर के किसी सुरक्षित कोने में रात गुजारने की मजबूरी पैदा हो सकती है। अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल अस्थायी व्यवस्था की है। एसडीएम चौराहे से बीईजी गेट तक एक हैंगर तैयार किया जा रहा है। इसमें करीब एक हजार अभ्यर्थियों के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन के अनुसार हैंगर का काम सोमवार तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि भर्ती में पहुंचने वाले संभावित अभ्यर्थियों की संख्या के मुकाबले यह व्यवस्था सीमित है। 25 से 30 हजार लोगों के आने की संभावना के बीच एक हजार अभ्यर्थियों के लिए अस्थायी ठहराव उपलब्ध होने से बाकी लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत बनी रहेगी। रुड़की में बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी पहुंचते हैं, लेकिन उनके लिए कम शुल्क वाला छात्र विश्राम गृह, धर्मशाला या रैन बसेरे जैसी स्थायी व्यवस्था नहीं है। यदि शहर में ऐसा कोई केंद्र विकसित किया जाए, जहां सीमित शुल्क पर एक-दो रात ठहरने की सुविधा उपलब्ध हो, तो भर्ती और परीक्षाओं के दौरान बाहर से आने वाले युवाओं को काफी राहत मिल सकती है। इससे अभ्यर्थियों को महंगे होटलों में कमरा लेने की मजबूरी भी कम होगी। शहर में कुछ धर्मशालाएं जरूर हैं, लेकिन उनमें से कई अब व्यावसायिक गतिविधियों और सामाजिक आयोजनों के लिए इस्तेमाल होती हैं। इसलिए भर्ती जैसे बड़े आयोजनों के दौरान उनकी उपलब्धता सीमित रहती है। प्रशासन का कहना है कि अग्निवीर भर्ती को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लॉज और अन्य ठहरने के स्थानों के संचालकों को अधिक किराया नहीं वसूलने की हिदायत दी गई है। प्रशासन की ओर से भर्ती से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है। अग्निवीर भर्ती रुड़की के लिए हर तीन वर्ष में होने वाला बड़ा आयोजन है। इस दौरान हजारों युवाओं का शहर में पहुंचना तय है। ऐसे में इस बार की अस्थायी व्यवस्था के साथ ही भविष्य के लिए स्थायी छात्र विश्राम गृह या बड़े रैन बसेरे की जरूरत भी सामने आ रही है। यदि ऐसी सुविधा विकसित होती है तो भर्ती ही नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए रुड़की आने वाले हजारों युवाओं को भी इसका लाभ मिल सकेगा।