Apr 06, 2026

उत्तराखंड शासन की नजर सुखवंत सिंह केस पर: एसआईटी जांच में 12 आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य संकलित

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काशीपुर। जनपद उधम सिंह नगर के काशीपुर क्षेत्र में गत जनवरी माह में हुए सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच का महत्वपूर्ण चरण पूरा कर लिया है।  एसआईटी ने सोमवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट काशीपुर की अदालत में 29 पेज की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में कुल 12 आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि मामले की गंभीरता को देखते हुए 58 गवाहों के बयान भी शामिल किए गए हैं। गौरतलब है कि ग्राम पैगा निवासी सुखवंत सिंह ने 10-11 जनवरी की रात हल्द्वानी के काठगोदाम स्थित गौलापार इलाके में एक होटल के कमरे में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने जमीन से जुड़े धोखाधड़ी और पुलिस की कार्यप्रणाली से परेशान होने की बात कही थी। मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसमें सुखवंत सिंह ने तत्कालीन पुलिस अधिकारियों समेत कई लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था।

इस सनसनीखेज मामले के बाद तत्कालीन एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आईटीआई कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला और एसआई प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया था। साथ ही पूरी पैगा चौकी को लाइन हाजिर कर दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले जिला स्तर की SIT जांच शुरू की गई, जिसकी निगरानी तत्कालीन एसपी क्राइम निहारिका तोमर कर रही थीं। बाद में पुलिस मुख्यालय ने जांच अपने स्तर पर ले ली और आईजी नीलेश आनंद भरणे की अध्यक्षता में नई एसआईटी का गठन किया गया। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को मामले की मजिस्ट्रियल जांच भी सौंपी गई। SIT ने 79 दिनों की विस्तृत जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की है। इसमें 12 आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाए गए हैं। आरोपियों पर अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं। इनमें एक आरोपी पर आत्महत्या के लिए उकसाने, सात आरोपियों पर धोखाधड़ी तथा आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और चार आरोपियों पर धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। चार्जशीट में नाम शामिल आरोपियों में विमल कुमार, आशीष चौहान उर्फ पटवारी, कुलविंदर सिंह उर्फ जस्सी, अमरजीत सिंह, जगपाल सिंह, गुरप्रेम सिंह और जहीर पर धोखाधड़ी व आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मुख्य आरोप हैं। पूर्व थानाध्यक्ष कुंदन सिंह रौतेला पर भी आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा बलवंत सिंह उर्फ काले, जगवीर सिंह, मनप्रीत सिंह और सुखवंत सिंह पन्नू पर धमकाने के आरोप दर्ज किए गए हैं। एसआईटी की जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। चार्जशीट में आईपीएस अधिकारियों समेत कुल 12 अन्य लोगों के खिलाफ जांच जारी रखी गई है। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे नए सबूत सामने आएंगे, आगे भी उचित कार्रवाई की जाएगी। यह मामला पूरे प्रदेश में पुलिस व्यवस्था, जमीन माफिया और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला बन गया है। सुखवंत सिंह ने अपनी मौत से पहले जो वीडियो और सुसाइड नोट जारी किया था, उसने आम जनमानस में पुलिस की निष्पक्षता और कार्यशैली को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी थी। अब अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई शुरू होने वाली है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। परिवार और स्थानीय लोगों ने SIT की इस कार्रवाई का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने कहा कि जो लोग अभी भी जांच के दायरे में हैं, उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई होनी चाहिए।