बागेश्वर। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूगर्भीय हलचल का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में रविवार को जनपद बागेश्वर में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे घाटी के इलाकों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में अब तक कहीं से भी किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह 11 बजकर 47 मिनट और 08 सेकंड पर जिले के विभिन्न हिस्सों में धरती कांपी। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग सुरक्षा की दृष्टि से अपने घरों और दुकानों से बाहर सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े। रविवार का अवकाश होने के कारण बाजारों में चहल-पहल थी, जहां अचानक आए इस कंपन ने लोगों को डरा दिया। सीस्मोलाजी केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था। भौगोलिक स्थिति के नजरिए से इसका केंद्र 30.047 डिग्री उत्तरी अक्षांश तथा 79.901 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। झटके हल्के होने के कारण जान-माल की बड़ी क्षति नहीं हुई, लेकिन संवेदनशील जोन में स्थित होने के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि भूकंप के तुरंत बाद सभी तहसीलों और आपदा केंद्रों से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने पुष्टि की कि जिले की किसी भी तहसील से किसी अप्रिय घटना या क्षति की खबर नहीं है। जनजीवन पूरी तरह सामान्य बना हुआ है। आपदा प्रबंधन टीम ने जनता से अपील की है कि वे भूकंप को लेकर सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड का अधिकांश हिस्सा भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील जोन 4 और 5 में आता है। बागेश्वर जिला भी भूगर्भीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में स्थित है, जिसके कारण यहां समय-समय पर छोटे तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। प्रशासन ने लोगों को आपात स्थिति के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों और दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।