Apr 12, 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हल्द्वानी में नशा विरोधी शपथ समारोह उत्तराखंड के सामाजिक सुधार में एक नया अध्याय है

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हल्द्वानी। उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ रविवार को हल्द्वानी में जागरूकता की एक नई दौड़ शुरू हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एमबी इंटर कॉलेज मैदान से ‘रन फॉर अवेयरनेस’ रैली को हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान सैकड़ों युवाओं ने नशे के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए ‘नशे को ना, जीवन को हां’ का संकल्प लिया। रैली से पहले आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, समृद्ध और नशामुक्त उत्तराखंड की ओर बढ़ता जनआंदोलन है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस संदेश को पूरे प्रदेश में फैलाएं कि अब उत्तराखंड का युवा नशे से दूर रहकर सकारात्मक जीवन की ओर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने नशे को “साइलेंट वार” बताते हुए कहा कि यह धीरे-धीरे युवाओं को अपनी चपेट में लेता है। कई बार मजाक में शुरू हुई आदत गंभीर लत में बदल जाती है, जिससे न केवल व्यक्ति बल्कि पूरा परिवार प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। सीएम धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। वर्ष 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने हजारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। साथ ही राज्य में एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) केंद्र संचालित किए जा रहे हैं और सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी ऐसे केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए ‘दगड़िया क्लब’ भी बनाए गए हैं, जो उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कानून बनाकर इस लड़ाई को नहीं जीता जा सकता, इसके लिए जनजागरूकता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। इस मौके पर कई सामाजिक व राजनीतिक हस्तियों के साथ बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। यह रैली उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत संदेश बनकर उभरी है।